मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिल्ली दौरा: नर्मदा परियोजनाओं से लेकर विकास योजनाओं तक कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली दौरे के दौरान प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रीय मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर राज्य की विभिन्न परियोजनाओं और विकास योजनाओं को लेकर सहयोग का आग्रह किया।

नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर हुई उच्च स्तरीय बैठक

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के साथ नर्मदा परियोजनाओं से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। सभी राज्यों के बीच अंतरराज्यीय परियोजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों के समाधान और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

केंद्रीय मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने—

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
  • केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल
  • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान

से भेंट कर प्रदेश के हितों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों और परियोजनाओं पर सहयोग एवं समन्वय को लेकर चर्चा की।

चार राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में अंतरराज्यीय विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समन्वय और साझा विकास को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

मध्यप्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह दिल्ली दौरा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय से नर्मदा परियोजनाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इससे आधारभूत संरचना, सिंचाई, जल संसाधन और अन्य विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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