बेमेतरा में ‘मुनगा पौधारोपण विथ सेल्फी अभियान’ बना पोषण जागरूकता का माध्यम, कुपोषण और एनीमिया से लड़ाई में नई पहल
बेमेतरा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग पोषण संवर्धन को जनआंदोलन बनाने की दिशा में लगातार नवाचार कर रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के आह्वान पर प्रदेशभर में कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले में ‘मुनगा पौधारोपण विथ सेल्फी अभियान’ का आयोजन किया गया, जिसने पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का अनूठा संदेश दिया।

18 घरों में लगाए गए मुनगा के पौधे
बेमेतरा जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब), सेक्टर दाढ़ी-2 और सेक्टर कन्हेरा में अभियान संचालित किया गया। इस दौरान गंभीर कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और एनीमिया से प्रभावित महिलाओं के 18 घरों में मुनगा (सहजन) के पौधे लगाए गए।
परिवारों को पौधों की देखभाल, नियमित उपयोग और उनके पोषण संबंधी लाभों की भी जानकारी दी गई।
‘सुपर फूड’ है मुनगा
विशेषज्ञों के अनुसार मुनगा (सहजन) को सुपर फूड माना जाता है। इसकी पत्तियों, फलियों और फूलों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-सी समेत कई आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
इसका नियमित सेवन—
- गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार करता है।
- एनीमिया की रोकथाम में सहायक है।
- बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाता है।
‘विथ सेल्फी अभियान’ से बढ़ी जनभागीदारी
अभियान को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा गया। ‘विथ सेल्फी अभियान’ के माध्यम से लोगों को इस जनअभियान का सक्रिय सहभागी बनाया गया, ताकि पौधों के संरक्षण और उनके नियमित उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घर में पोषण देने वाले पौधे लगाए और उनका उपयोग करे, तो कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जनभागीदारी से जीती जाएगी कुपोषण के खिलाफ लड़ाई
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से जीती जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर बच्चों, किशोरियों और माताओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराया जा सकता है।
अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर, मिशन शक्ति की जेंडर विशेषज्ञ, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
