श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर CM मोहन यादव की शुभकामनाएं, बोले- ‘कर्मयोग’ के संदेश से बनेगा समृद्ध मध्यप्रदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों और सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को धर्म संस्थापक तथा भक्ति, ज्ञान और कर्मयोग का परम प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

‘श्रीकृष्ण पाथेय’ से सहेजी जाएगी सांस्कृतिक विरासत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ के माध्यम से प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की यात्रा से जुड़े पावन स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण से जुड़ी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से परिचित कराया जाएगा।

सांदीपनि विद्यालयों से मिलेगी संस्कारयुक्त शिक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सांदीपनि की ज्ञान परंपरा से प्रेरित सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से भावी पीढ़ी को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

इन विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा में ज्ञान, संस्कार और भारतीय जीवन मूल्यों के समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

कर्मयोग के संदेश को आत्मसात करने की अपील

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी लोग भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करें और प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समृद्ध एवं विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

जन्माष्टमी पर भक्ति और संस्कृति का संदेश

मुख्यमंत्री का संदेश श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को केवल धार्मिक पर्व के रूप में नहीं, बल्कि धर्म, ज्ञान, कर्म और लोककल्याण के मूल्यों को जीवन में उतारने के अवसर के रूप में प्रस्तुत करता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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