Manipur AFSPA: मणिपुर के अधिकांश हिस्से 6 महीने के लिए अशांत क्षेत्र घोषित, 13 थाना क्षेत्र बाहर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मणिपुर के अधिकांश हिस्से को एक बार फिर ‘अशांत क्षेत्र’ (Disturbed Area) घोषित किया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने तक प्रभावी रहेगी, जब तक इसे इससे पहले वापस नहीं लिया जाता।

यह फैसला राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है। मणिपुर में AFSPA की अवधि बढ़ाने का यह निर्णय केंद्र द्वारा समय-समय पर की जाने वाली सुरक्षा समीक्षा के क्रम में आया है।

13 पुलिस थाना क्षेत्र AFSPA के दायरे से बाहर

AFSPA मणिपुर के प्रत्येक हिस्से में लागू नहीं होगा। पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को अधिसूचना के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ की घोषणा से बाहर रखा गया है।

सरकार ने यह भी प्रावधान रखा है कि परिस्थितियों की समीक्षा के आधार पर अधिसूचना को निर्धारित छह महीने की अवधि पूरी होने से पहले भी वापस लिया जा सकता है।

AFSPA के तहत क्या मिलती हैं विशेष शक्तियां?

सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (AFSPA) की धारा 3 के तहत किसी क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया जा सकता है। ऐसे क्षेत्र में कानून के प्रावधानों के तहत सशस्त्र बलों को सुरक्षा अभियानों के दौरान कुछ विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। इनमें निर्धारित परिस्थितियों में बिना वारंट गिरफ्तारी और तलाशी जैसी शक्तियां शामिल हैं।

2023 से जारी हिंसा के बीच फैसला

मणिपुर में वर्ष 2023 से जातीय हिंसा और सुरक्षा संबंधी घटनाओं का दौर जारी रहा है। केंद्र ने ताजा अधिसूचना में राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद अधिकांश हिस्सों में ‘अशांत क्षेत्र’ का दर्जा अगले छह महीने के लिए जारी रखा है।

नागालैंड में भी AFSPA की अवधि बढ़ी

केंद्र सरकार ने नागालैंड के नौ जिलों और पांच अन्य जिलों के 21 पुलिस थाना क्षेत्रों में भी AFSPA को अगले छह महीने के लिए जारी रखने का फैसला किया है। वहां भी यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।

मणिपुर और नागालैंड के साथ पूर्वोत्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी AFSPA से संबंधित अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।

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