छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री से सरकार की कमाई 10,751 करोड़ के पार, 29 नई दुकानें शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री से राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 10,751 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार शराब बिक्री में लगातार बढ़ोतरी के चलते सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती मांग और बेहतर वितरण व्यवस्था को देखते हुए प्रदेश में 29 नई शराब दुकानों का संचालन भी शुरू किया गया है।
राजस्व संग्रह में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
आबकारी विभाग के अनुसार सरकारी नियंत्रण में संचालित शराब बिक्री व्यवस्था के कारण राजस्व का बड़ा हिस्सा सीधे राज्य के खजाने में पहुंच रहा है। यही वजह है कि आबकारी विभाग अब राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण राजस्व स्रोतों में शामिल हो गया है।
नई दुकानों से उपलब्धता बढ़ने का दावा
सरकार का कहना है कि नई दुकानों के खुलने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता अधिक व्यवस्थित हुई है। साथ ही अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण लगाने में भी मदद मिल रही है। अधिकारियों के मुताबिक लाइसेंस प्राप्त दुकानों की संख्या बढ़ने से अवैध बिक्री पर अंकुश लगाना आसान हुआ है।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने उठाए सवाल
हालांकि, शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने के फैसले को लेकर विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सरकार को राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ नशामुक्ति अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
सरकार का पक्ष
सरकार का तर्क है कि आबकारी नीति के तहत नई दुकानों का संचालन राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से किया गया है। विभाग का दावा है कि शराब बिक्री और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
