Vishnudeo Sai Cabinet Decision: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश का पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़, साय कैबिनेट के 11 बड़े फैसलों पर लगी मुहर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, निवेश, उद्योग, शिक्षा, कर व्यवस्था, पुलिस, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े 11 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक पारदर्शी, निवेशकों के लिए अनुकूल और आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
सबसे बड़ा फैसला ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को लेकर लिया गया, जिसके तहत छत्तीसगढ़ इस तरह का विशेष कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे निवेश प्रक्रिया तेज होगी और उद्योगों को अनावश्यक अनुमति व निरीक्षण की जटिलताओं से राहत मिलेगी।
साय कैबिनेट के 11 बड़े फैसले
1. बिजली भुगतान के लिए नई व्यवस्था
कैबिनेट ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSU) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) प्रणाली लागू करने को मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी समेत अन्य कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
2. बस्तर फाइटर्स के नियमों में संशोधन
छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के भर्ती एवं सेवा नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे बल की कार्यप्रणाली और सेवा शर्तों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
3. निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए नियम
निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। अब विश्वविद्यालयों में यूजीसी और अन्य नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं, पुस्तकालय और अधोसंरचना सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
4. वैट अधिकरण होगा समाप्त
जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद वैट मामलों में कमी को देखते हुए वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त किया जाएगा। लंबित मामलों का निपटारा अब राजस्व मंडल करेगा।
5. जीएसटी कानून होगा और सरल
जीएसटी संशोधन विधेयक-2026 के जरिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे विशेष रूप से निर्यातकों और उद्योगों को राहत मिलेगी।
6. औद्योगिक निवेश को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी देकर सरकार ने निवेश प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने का रास्ता साफ किया है।
7. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम आधारित निरीक्षण और दोहरे लाइसेंसिंग दायित्व समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। यह कानून लागू होने पर छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा।
8. एनआरडीए की ओटीएस योजना को मंजूरी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई। इससे भूखंड आवंटियों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी तथा लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी।
9. जल प्रदूषण कानून लागू करने का फैसला
राज्य में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाया जाएगा। छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।
10. भाड़ा नियंत्रण कानून में संशोधन
भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन कर खाली मकानों को किराये पर देने को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही मकान मालिक और किरायेदार के अधिकार एवं दायित्व स्पष्ट किए जाएंगे।
11. राजनांदगांव में बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2,000 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने को मंजूरी दी। इससे जिले में सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध होगी।
क्या होगा इन फैसलों का असर?
साय सरकार के इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ाने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने, कर प्रणाली को सरल बनाने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून लागू होने से छत्तीसगढ़ देशभर में निवेशकों के लिए एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ेगा।
