मुर्गी पालन से बदली किसान की तकदीर: 30 हजार के लोन से हर साल 80 हजार का शुद्ध मुनाफा

बीजापुर। सरकारी योजनाओं का सही लाभ और मेहनत किसी भी किसान की जिंदगी बदल सकती है। इसका जीवंत उदाहरण छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम उल्लूर के किसान सदाशिव कुरगुड़ हैं। पशुधन विकास विभाग की किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिले मात्र 30 हजार रुपये के ऋण से उन्होंने मुर्गी पालन शुरू किया और आज हर वर्ष लगभग 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर आत्मनिर्भर बन गए हैं।

30 हजार के लोन से मिली नई उड़ान

खेती के साथ अतिरिक्त आय का साधन तलाश रहे सदाशिव के पास व्यवसाय शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं थी। इसी दौरान उन्हें पशुधन विकास विभाग की किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी मिली। विभाग के मार्गदर्शन से बैंक के माध्यम से 30 हजार रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने चूजे खरीदे और उनके लिए आहार व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।

मेहनत और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से मिली सफलता

नियमित देखभाल, बेहतर प्रबंधन और विभाग के तकनीकी सहयोग से उनका पोल्ट्री व्यवसाय लगातार बढ़ता गया। आज वे इस व्यवसाय से लगभग एक लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं, जिसमें करीब 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ शामिल है। इस अतिरिक्त आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।

अब बड़े पोल्ट्री फार्म का सपना

सदाशिव कुरगुड़ का कहना है कि पशुधन विकास विभाग की योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। अब उनका लक्ष्य एक आधुनिक और व्यावसायिक पोल्ट्री फार्म स्थापित कर रोजगार का विस्तार करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीण युवाओं तक पहुंचना चाहिए, ताकि वे भी स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।

ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल

जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सदाशिव कुरगुड़ की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत मिलकर किसी भी किसान की तकदीर बदल सकते हैं।

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