अरपा-बिहान विष्णुभोग’ चावल की बढ़ी मांग, आधे घंटे में 45 हजार रुपये की बिक्री, मंत्री ने भी खरीदा जैविक चावल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्कृत ‘अरपा-बिहान विष्णुभोग’ चावल को जिले में लगातार बेहतर बाजार मिल रहा है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के जिले के प्रवास के दौरान आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम में इस जैविक चावल को लोगों का भरपूर समर्थन मिला।

मंत्री और विधायकों ने खरीदा विष्णुभोग चावल

असेंबली हॉल पेंड्रा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से विष्णुभोग चावल खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में चावल की खरीदी कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।

200 किलो चावल खरीदकर बने सबसे बड़े खरीदार

स्थानीय निवासी पंकज तिवारी ने 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव हासिल किया। कार्यक्रम के दौरान मात्र 30 मिनट में महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) ने 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री की, जिसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जैविक खेती से तैयार हो रहा है विष्णुभोग चावल

विष्णुभोग धान का उत्पादन स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जैविक पद्धति से करती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) धान के प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन का कार्य कर रही है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी मिल रहा है।

उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में विष्णुभोग चावल को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे इसकी मांग और उत्पादन दोनों में वृद्धि हो रही है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (CMSA) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकें।

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