राजनांदगांव में मस्ती की पाठशाला बनी आकर्षण का केंद्र, पारंपरिक खेलों से लेकर जुम्बा तक बच्चों और बड़ों ने लिया भरपूर आनंद
राजनांदगांव, 7 जून। शहर में हर रविवार आयोजित होने वाली “मस्ती की पाठशाला” लोगों के बीच लगातार लोकप्रिय होती जा रही है। रविवार को आयोजित पाठशाला में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए पारंपरिक एसपी, योग, चित्रकला और जुम्बा डांस का भरपूर आनंद लिया।
इस बार पाठशाला में प्रतिभागियों के लिए कई रोचक और पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। गेडी दौड़, बाटी-चम्मच दौड़, स्पंज से पानी भरने की प्रतियोगिता और रस्साकशी जैसे खेलों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं पिट्ठुल, रिंग टास्क, सांप-सीढ़ी, बैडमिंटन, तीरंदाजी और कराटे जैसी गतिविधियों ने भी सभी का खूब मनोरंजन किया।
नन्हे-मुन्ने बच्चों ने झूले और फिसलपट्टी का आनंद लिया, जबकि बुजुर्गों ने स्वास्थ्य लाभ के लिए योग सत्र में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा छत्तीसगढ़ी गीतों पर जुम्बा डांस करते नजर आए। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल बच्चों ने अपनी कल्पनाओं और भावनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा।
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण बंदर, गोरिल्ला और मिकी माउस की वेशभूषा में पहुंचे कलाकार रहे, जिनके साथ बच्चों ने जमकर मस्ती की और तस्वीरें खिंचवाईं।
इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह पारस वर्मा और पार्षदों ने कार्यक्रम में पहुंचकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। महापौर और आयुक्त ने चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार भी वितरित किए।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि हर सप्ताह बढ़ रही लोगों की भागीदारी यह साबित करती है कि शहरवासियों में स्वस्थ मनोरंजन और पारंपरिक खेलों के प्रति विशेष रुचि है। उन्होंने नागरिकों से अगले रविवार आयोजित होने वाली अंतिम मस्ती की पाठशाला में परिवार सहित शामिल होने की अपील की।
वहीं आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि सभी आयु वर्ग के लोगों की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सामाजिक संगठनों, खेल संस्थाओं, निगम प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग के सहयोग से इस आयोजन को सफल बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बॉडी टेक जिम, रिदम रिवोल्यूशन ग्रुप, पतंजलि भारत स्वाभिमान न्यास, योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, मदर टेरेसा ग्रुप, ब्लड डोनर्स संघ, यामिनी कला केंद्र, राजनांदगांव रनर्स ग्रुप सहित हॉकी, कराटे और तीरंदाजी संघों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शहर में स्वस्थ मनोरंजन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने वाली यह पहल अब लोगों के लिए रविवार की सबसे पसंदीदा गतिविधियों में शामिल होती जा रही है।
