बलूचिस्तान में एक साथ 12 आतंकी हमले, 21 लोगों की मौत, जवाबी कार्रवाई में 67 उग्रवादी ढेर
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने कई इलाकों में एक साथ बड़े हमले किए। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार इन हमलों में कम से कम 10 सुरक्षाकर्मी और 11 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में 67 उग्रवादी मारे गए।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा, पसनी, मस्तुंग, नुश्की और ग्वादर जिलों में 12 से अधिक स्थानों पर एक साथ हमले किए। राजधानी क्वेटा में कम से कम चार पुलिसकर्मियों की जान गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये चार पुलिसकर्मी मृत सुरक्षाकर्मियों की कुल संख्या में शामिल हैं या नहीं।
क्वेटा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने नुश्की जिले के डिप्टी कमिश्नर का अपहरण भी कर लिया है। बीएलए ने इन हमलों को ‘ऑपरेशन हेरोफ’ नाम दिया है।
हमलों के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बयान जारी कर दावा किया कि इसके पीछे भारत का हाथ है।
बीएलए ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने कहा कि उसने सैन्य ठिकानों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाया। साथ ही सेना की कार्रवाई रोकने के लिए मुख्य राजमार्गों को भी बंद किया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएलए के हथियारबंद लड़ाके कुछ समय के लिए क्वेटा के एक बाजार इलाके में घुस गए और वहां नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया। हालांकि इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
