गुढ़ियारी में कृष्ण भक्ति का रंग, CM विष्णु देव साय ने बढ़ाया गोविंदाओं का उत्साह

रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उत्सव में शामिल हुए और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं एवं गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाते हुए प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियां आज भी लोगों के मन में प्रेम, आनंद और भक्ति का भाव जगाती हैं।

दही हांडी देती है एकता और टीम भावना का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले ऊंचाई तक नहीं पहुंचता। उसके नीचे खड़े हर साथी का विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य उसे लक्ष्य तक पहुंचाता है।

उन्होंने कहा कि जब सभी लोग एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। यही सामूहिकता की भावना समाज और प्रदेश के विकास की आधारशिला भी बन सकती है।

श्रीकृष्ण का जीवन कर्मयोग की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को कर्तव्य और नेतृत्व की प्रेरणा बताते हुए कहा कि ग्वालबालों के प्रिय सखा के रूप में श्रीकृष्ण ने प्रेम और मित्रता का संदेश दिया। द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने कुशल नेतृत्व का आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर पूरी मानवता को कर्मयोग का मार्ग दिखाया।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहना चाहिए।

छत्तीसगढ़ की धरती राम और कृष्ण की आस्था से समृद्ध

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। भगवान श्रीराम ने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की धरती पर बिताया था।

उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र भी रामायण काल के विशाल दंडकारण्य का हिस्सा रहा है। प्रभु श्रीराम से जुड़ी स्मृतियां और धार्मिक स्थल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विशेष गौरव प्रदान करते हैं।

रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्याधाम जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत राज्य के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। योजना के माध्यम से अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

गौवंश संरक्षण पर भी सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है। राज्य सरकार सुरभि गोधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ को देवी-देवताओं की कृपा से समृद्ध पुण्यभूमि बताते हुए प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया।

भोरमदेव से मधेश्वर पहाड़ तक धार्मिक विरासत

मुख्यमंत्री ने कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर और राजिम के कुलेश्वर महादेव जैसे प्राचीन शिव मंदिरों को प्रदेश की आस्था के प्रमुख केंद्र बताया।

उन्होंने जशपुर के मधेश्वर पहाड़ का उल्लेख करते हुए इसकी प्राकृतिक संरचना और धार्मिक मान्यता को भी रेखांकित किया।

शक्तिपीठों की भूमि है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृशक्ति के अनेक प्रसिद्ध आस्था केंद्र मौजूद हैं। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी के धाम छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार इस गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक ने बांधा समां

विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति और संगीत ने माहौल को और खास बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भक्तिमय गीतों और भजनों के बीच पूरा अवधपुरी मैदान श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। गोविंदाओं की टोलियों ने भी पूरे जोश और उत्साह के साथ दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा और ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष मीनल चौबे, श्रीमती वीणा सिंह, कौशल्या देवी साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

भक्ति के साथ सामाजिक एकता का संदेश

गुढ़ियारी का यह विशाल दही हांडी उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के साथ एकता, सहयोग, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का संदेश भी दे गया। गोविंदाओं के उत्साह और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया।

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