Tata Group: चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश तेज, नरेंद्रन-अग्रवाल-चौहान में किसके नाम पर लगेगी मुहर?

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी तेज हो गई है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश को लेकर कई बड़े नाम चर्चा में हैं।

सूत्रों के मुताबिक, टाटा स्टील के CEO टी.वी. नरेंद्रन, टाटा संस के ग्रुप CFO सौरभ अग्रवाल और NSE के MD-CEO आशीष चौहान इस रेस में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि, अभी किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

टी.वी. नरेंद्रन सबसे मजबूत आंतरिक दावेदार

टाटा ग्रुप के भीतर टी.वी. नरेंद्रन को प्रमुख और मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। वह तीन दशक से अधिक समय से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से टाटा स्टील का नेतृत्व कर रहे हैं।

उनका लंबा कॉरपोरेट अनुभव उनकी बड़ी ताकत है। हालांकि, पूरे टाटा समूह के अलग-अलग कारोबारों को संभालने का अनुभव उनकी दावेदारी के सामने एक चुनौती भी माना जा रहा है।

सौरभ अग्रवाल की दावेदारी भी मजबूत

सौरभ अग्रवाल, टाटा संस के कार्यकारी निदेशक और ग्रुप CFO हैं। वित्त, निवेश और रणनीति के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को उनकी बड़ी ताकत माना जाता है।

वह समूह के कैपिटल एलोकेशन, निवेश और पोर्टफोलियो से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में चेयरमैन पद की रेस में उनका नाम भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आशीष चौहान हो सकते हैं सरप्राइज पैकेज

इस रेस में आशीष चौहान का नाम एक संभावित बाहरी उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है। NSE के MD-CEO चौहान को पूंजी बाजार, टेक्नोलॉजी और वित्तीय सेवाओं का लंबा अनुभव है।

वह NSE की स्थापना से जुड़े अधिकारियों में शामिल रहे हैं और BSE के MD-CEO के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनका अनुभव टाटा ग्रुप के लिए अलग तरह का नेतृत्व विकल्प पेश कर सकता है।

20 फरवरी 2027 को खत्म होगा चंद्रशेखरन का कार्यकाल

एन. चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी। उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होने वाला है।

ऐसे में उससे पहले नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल चयन प्रक्रिया जारी है और किसी भी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नोएल टाटा का नाम भी चर्चा में

उत्तराधिकारी की चर्चा में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर भी विचार किए जाने की बात कही जा रही है।

अंतिम फैसला किसका?

टाटा संस के चेयरमैन का पद समूह के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अंतिम फैसला टाटा संस के बोर्ड और संबंधित ट्रस्ट्स की प्रक्रिया के बाद होने की उम्मीद है।

फिलहाल मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है—नरेंद्रन का लंबा टाटा अनुभव, सौरभ अग्रवाल की वित्तीय विशेषज्ञता और आशीष चौहान का पूंजी बाजार का अनुभव, तीनों ही दावेदारों को अलग-अलग ताकत देते हैं। अब देखना होगा कि टाटा ग्रुप की कमान आखिर किसके हाथों में जाती है।

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