सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से विशेष ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने वाली ऐतिहासिक सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें प्रदेशभर से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त कलाकार, साहित्यकार और श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और अटूट आस्था का प्रतीक है। इतिहास में अनेक बार आक्रांताओं द्वारा मंदिर को ध्वस्त किया गया, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। यह देशवासियों की अडिग श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।
छत्तीसगढ़ की पावन माटी और नदियों का जल पहुंचेगा सोमनाथ धाम
सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के शिवालयों की पवित्र मिट्टी और प्रदेश की पावन नदियों का जल कलश लेकर रवाना हुए हैं। ये कलश भगवान सोमनाथ को समर्पित किए जाएंगे, जो सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक समर्पण का अनूठा प्रतीक बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने भगवान सोमनाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी।
राष्ट्रीय स्मरणोत्सव का हिस्सा है यह यात्रा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ की यह सांस्कृतिक यात्रा उसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि आज का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि प्रदेशभर से एक हजार से अधिक श्रद्धालु एक साथ सोमनाथ धाम की यात्रा पर निकले हैं। यह भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम है।
सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को किया नमन
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। वहीं देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 75 वर्ष पूर्व पुनर्निर्मित मंदिर का लोकार्पण कर राष्ट्रीय गौरव को नई पहचान दी थी।
संस्कृति मंत्री ने बताया राष्ट्रीय गौरव की यात्रा
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक अनुभव ही नहीं देगी, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रीय चेतना को निकट से समझने का अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने भगवान सोमनाथ से देश और छत्तीसगढ़ की समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।
श्रद्धालुओं को अंगवस्त्र भेंट कर दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यात्रा पर रवाना होने वाले श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
