जशपुर के किसानों को मिलेगा पूरा यूरिया कोटा, खरीफ 2026 के लिए सरकार ने हटाई 80% वितरण सीमा
जशपुर। खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने यूरिया वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को खरीफ 2025 में जितना यूरिया मिला था, खरीफ 2026 में भी उतनी ही मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही पहले लागू 80 प्रतिशत वितरण सीमा को समाप्त कर दिया गया है, जिससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त उर्वरक मिल सकेगा।
यूरिया की कमी होने पर बाद में मिलेगी शेष मात्रा
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को बताया कि यदि किसी समय समिति में यूरिया का स्टॉक कम होने के कारण पूरी पात्रता के अनुसार उर्वरक नहीं मिल पाता है, तो स्टॉक उपलब्ध होते ही शेष मात्रा भी किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
खाद-बीज और कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खाद-बीज के भंडारण, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से वितरित कृषि ऋण और सहकारी समिति की सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
किसानों से किया संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
कलेक्टर रोहित व्यास ने समिति पहुंचे किसानों से सीधे बातचीत कर खेती की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता और कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी अपनाने की अपील
कलेक्टर ने किसानों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इनके उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, खेती की लागत कम होती है और भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने का आह्वान किया।
सहकारी समितियों की होगी नियमित निगरानी
जिला प्रशासन ने सभी सहकारी समितियों में खाद और बीज की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसानों को उर्वरक, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
