Rahul Gandhi Press Conference: ‘एंटी-इनकंबेंसी बीजेपी के लिए क्यों नहीं?’ राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा दोहराते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले कुछ वर्षों से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित विभिन्न चुनावों का संदर्भ देते हुए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
‘एंटी-इनकंबेंसी बीजेपी के लिए क्यों नहीं?’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने चुनावी राजनीति में एंटी-इनकंबेंसी के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकारों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी की प्रवृत्ति देखने को मिलती रही है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश युद्ध के बाद उनकी लोकप्रियता के बावजूद कुछ समय बाद उनके खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी का माहौल बना। राहुल गांधी ने सवाल किया कि इसी तरह की राजनीतिक प्रवृत्ति नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के मामले में क्यों दिखाई नहीं देती।
राहुल गांधी ने कहा कि राज्यों में सरकारों के प्रदर्शन और लोकप्रियता में बदलाव को समझा जा सकता है, लेकिन उनके अनुसार यह सवाल बना हुआ है कि एंटी-इनकंबेंसी अचानक कैसे समाप्त हो गई।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं, जिनसे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े कुछ निर्णयों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर रिपोर्ट सामने आई थी। चुनाव आयोग ने इन लिखित टिप्पणियों को अपनी सामान्य निर्णय-प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और कहा है कि अलग-अलग विचार संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनावी व्यवस्था से जुड़े अपने आरोपों की जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाओं और प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए।
वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि SIR से जुड़े निर्णय कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं और आयोग में निर्णय बहुमत के आधार पर होते हैं।
‘लोकतंत्र में एंटी-इनकंबेंसी खत्म नहीं होती’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में इराक और उत्तर कोरिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं होती, वहां एंटी-इनकंबेंसी की स्थिति अलग होती है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत में चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अपने सवाल दोहराए।
राहुल गांधी के इन बयानों के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।
