एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से हरित मध्यप्रदेश का संकल्प, मंत्री नारायण सिंह पंवार ने किया पौधरोपण

राजगढ़। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने कहा कि भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है।

राज्यमंत्री पंवार हरियाली महोत्सव के तहत नरसिंहगढ़ स्थित नवीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार कार्यालय के संयुक्त परिसर में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चलाया जा रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हरियाली महोत्सव, व्यापक वृक्षारोपण और जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित एवं हरित भविष्य के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

हर नागरिक एक पौधा वृक्ष बनने तक करे संरक्षित

राज्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जैव विविधता, मृदा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के भी सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

संयुक्त शासकीय परिसर का किया निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और विधायक मोहन शर्मा ने नव-निर्मित संयुक्त शासकीय परिसर भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं, विभागीय व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि यह संयुक्त परिसर नरसिंहगढ़ क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी सौगात है। पहले विभिन्न सरकारी कार्यालय अलग-अलग भवनों में संचालित होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब अधिकांश विभाग एक ही परिसर में संचालित होने से आम नागरिकों के समय और श्रम दोनों की बचत होगी।

अधिकारियों को दिए जनसेवा के निर्देश

राज्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से कार्य करें।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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