हर गांव तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, मुख्यमंत्री ने भारतनेट फेज-3 और सेवा सेतु परियोजनाओं की समीक्षा की
रायपुर। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क एवं हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु पोर्टल और प्रदेश में चल रही डिजिटल अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
भारतनेट फेज-3 से 4,114 ग्राम पंचायतें होंगी हाई-स्पीड नेटवर्क से जुड़ेंगी

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारतनेट फेज-3 के तहत राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस (IP-MPLS) आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक फाइबर टू द होम (FTTH) सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में तेज और भरोसेमंद इंटरनेट उपलब्ध होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।
सेवा सेतु पोर्टल पर 520 सरकारी सेवाएं उपलब्ध
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें 111 होस्टेड और 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं।
प्रदेशभर में संचालित 16,726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 1 अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। इस प्रकार पोर्टल ने 94.3 प्रतिशत सफलता दर हासिल की है।
आधुनिक तकनीकों से बढ़ी पारदर्शिता
अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनसे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और नागरिकों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
नवा रायपुर बनेगा आईटी और स्टार्टअप हब
बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और डिजिटल सर्विलांस जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आईटी और आईटीईएस सेक्टर को नई गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, चिप्स (CHiPS) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
