CM Mohan Yadav: शिक्षा से होगा समाज का बदलाव, मध्यप्रदेश ने प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर शून्य कर रचा इतिहास
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा और सबसे सशक्त माध्यम है। राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को विश्वस्तरीय, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय, पीएमश्री स्कूल और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में प्रदेश में शिक्षा की मजबूत त्रिवेणी विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को इंदौर में हिंद रक्षक पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्कूली छात्राओं को राष्ट्रपुरुषों के जीवन पर आधारित निशुल्क पुस्तकें और कॉपियां वितरित कीं तथा बच्चों से संवाद कर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर हुई शून्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर को शून्य कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि राज्य के सांदीपनि विद्यालय मॉडल की पूरे देश में सराहना हो रही है और इसका लाभ हजारों विद्यार्थियों को मिल रहा है।
सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम निजी विद्यालयों से बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
राष्ट्रहित सर्वोपरि की सोच से हो रहा विकास
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ समाज सुधार और जनहित के अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने हिंद रक्षक संगठन के संस्थापक स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह गौड़ (लखन दादा) को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाजहित के लिए संघर्ष किया और युवाओं को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी 68वीं जयंती के अवसर पर पुण्योदय प्रकल्प के माध्यम से हर वर्ष 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कॉपी-किताबें और महापुरुषों के प्रेरक जीवन प्रसंगों पर आधारित पुस्तकें वितरित की जाती हैं।
गुरु पूर्णिमा पर होगा विशेष आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता आज भी समाज को प्रेरित करती है। युवाओं को जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव आगे रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस वर्ष गुरु पूर्णिमा महोत्सव को भव्य रूप से मनाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बनाए जा रहे सांदीपनि विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों का परिणाम है कि अब प्रदेश का कोई भी बेटा-बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
एक महीने में बांटी जाएंगी 3 लाख से अधिक कॉपी-किताबें
पुण्योदय प्रकल्प के संयोजक एकलव्य गौड़ ने बताया कि वर्ष 2004 में शुरू हुए इस अभियान के तहत 11 जुलाई से 11 अगस्त तक पूरे प्रदेश में 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 3 लाख से ज्यादा कॉपी-किताबें वितरित की जाएंगी। उन्होंने विद्यार्थियों से इनका सदुपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री ऊषा सिंह, विधायक महेंद्र हार्डिया, मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
