मुख्यमंत्री साय सरकार की बड़ी कार्रवाई: चीतल का शिकार करने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की दबिश, पका हुआ चीतल का मांस और शिकार के उपकरण जब्त
कवर्धा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कवर्धा में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चीतल के अवैध शिकार के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जाल बिछाकर किया था नर चीतल का शिकार
जानकारी के अनुसार, वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट के जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर करीब तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। शिकार के बाद आरोपी उसका मांस पकाकर आपस में बांटने की तैयारी कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर रंगे हाथों दबोचे गए आरोपी
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जंगल में घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सभी सात आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
पका हुआ मांस और शिकार के उपकरण बरामद
वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से करीब 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, स्टील के तार, लकड़ी के फंदे, तीन कुल्हाड़ियां और खून से सना थैला बरामद किया। सभी सामान जब्त कर आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
सघन गश्त से वन्यजीव अपराधों पर लग रही लगाम
वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, आधुनिक निगरानी व्यवस्था और मजबूत सूचना तंत्र के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। विभाग का कहना है कि अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वन्यजीवों के अवैध शिकार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अवैध शिकार या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
