सुकमा में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ: 38,518 बच्चों को पिलाई जाएगी जीवनरक्षक दो बूंद, 389 बूथ बनाए गए
सुकमा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान-2026 के तहत सुकमा जिले में रविवार को उत्साहपूर्वक अभियान की शुरुआत की गई। कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने मराईगुड़ा वन स्थित पोलियो केंद्र में बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। वहीं बस स्टैंड सुकमा में नगर पालिका अध्यक्ष हूंगाराम मरकाम ने भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को गति दी।
राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य जन्म से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो से सुरक्षा प्रदान करना और भारत को स्थायी रूप से पोलियो-मुक्त बनाए रखना है।
38,518 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य
जिला टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, सुकमा जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 38,518 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान 28 से 30 जून 2026 तक चलेगा।
पहले दिन जिले के सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है, जबकि दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए।
389 पोलियो बूथ, 1,117 कर्मचारियों की तैनाती
अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 389 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 1,117 स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहयोगी कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। चाहे बच्चे को पहले नियमित टीकाकरण या किसी पूर्व पल्स पोलियो अभियान में दवा मिल चुकी हो, फिर भी इस अभियान में खुराक दिलाना आवश्यक है।
अधिकारी रहे मौजूद
अभियान के शुभारंभ अवसर पर पार्षद रंजीत बारठ, रमेश कर्मा, अनिल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. प्रदीप पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पोलियो एक गंभीर बीमारी है जो बच्चों में स्थायी अपंगता का कारण बन सकती है। इससे बचाव का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका समय पर पोलियो की दो बूंद पिलाना है। प्रत्येक परिवार की भागीदारी से ही स्वस्थ, सुरक्षित और पोलियो-मुक्त भारत का संकल्प मजबूत होगा।
