‘मन की बात’ बना जनभागीदारी का सबसे बड़ा मंच: सुकमा में वन मंत्री केदार कश्यप ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का 135वां एपिसोड

सुकमा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का रविवार को सुकमा जिले के मड़ईगुड़ा वन क्षेत्र में सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम में वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों के साथ कार्यक्रम सुना। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी, कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, डीएफओ अक्षय भोंसले सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव का जनआंदोलन

कार्यक्रम के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘मन की बात’ अब केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला जनआंदोलन बन चुका है। इसके माध्यम से देशभर में समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले गुमनाम नायकों को नई पहचान मिल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने देश के विभिन्न हिस्सों की प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाकर लोगों को समाज और राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी तकनीक पर दिया जोर

वन मंत्री ने बताया कि इस बार प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी तकनीक, वैज्ञानिक सोच, नवाचार और जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया। उन्होंने स्वदेश में निर्मित सी-295 (C-295) सैन्य परिवहन विमान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

वैज्ञानिक सोच अपनाने का किया आह्वान

केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। साथ ही युवाओं से वैज्ञानिक सोच अपनाने, अंधविश्वास से दूर रहने तथा अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाए।

ग्रामीणों से की विकास में भागीदारी की अपील

वन मंत्री ने ग्रामीणों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर अपने गांव के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब जनता स्वयं भी विकास यात्रा की भागीदार बने।

कार्यक्रम में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया।

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