भोरमदेव शक्कर कारखाना बना देश में मिसाल, किसानों को जून में ही मिला 107 करोड़ रुपये से अधिक का पूरा भुगतान
कवर्धा। गन्ना किसानों के लिए समय पर भुगतान सबसे बड़ी चिंता होती है, लेकिन कबीरधाम जिले का भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना इस मामले में पूरे देश के लिए एक आदर्श बनकर उभरा है। लगातार दूसरे वर्ष कारखाने ने जून माह में ही किसानों को एफआरपी (फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस) और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर सहकारी शक्कर उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यही वजह है कि भोरमदेव शक्कर कारखाना अब केवल चीनी उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और सफल सहकारिता मॉडल का प्रतीक बन गया है।
रविवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में किसानों के खातों में 29.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई। इसमें 6.91 करोड़ रुपये एफआरपी की शेष राशि तथा 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है। इस भुगतान के साथ ही पेराई सत्र 2025-26 के दौरान किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा कर दिया गया।
किसानों के भरोसे का संस्थान बना भोरमदेव
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक भुगतान नहीं, बल्कि किसानों और सहकारिता व्यवस्था के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों किसानों का अपना संस्थान है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन और आपूर्ति करने का आग्रह करते हुए आगामी सत्र में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
किसान हितैषी नवाचारों से बढ़ी पहचान
भोरमदेव शक्कर कारखाना समय पर भुगतान के साथ-साथ किसान हितैषी नवाचारों के लिए भी चर्चा में है। लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी, रियायती दर पर शक्कर वितरण, ‘बलराम सदन’ कृषक प्रतीक्षालय, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण, उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग उपलब्ध कराना तथा नियमित प्रशिक्षण जैसी पहलें किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इसके अलावा कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को भी बड़ी राहत मिल रही है।
देशभर के सहकारी कारखानों के लिए प्रेरणा बना मॉडल
कारखाने के चेयरमैन एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में अपनाई गई पारदर्शी और किसान-केंद्रित कार्यप्रणाली ने भोरमदेव को देश के अग्रणी सहकारी शक्कर कारखानों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। समय पर भुगतान, आधुनिक तकनीक, उत्पादन वृद्धि और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत सहकारिता केवल उद्योग को नहीं, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करती है।
आज भोरमदेव मॉडल देश के अन्य सहकारी शक्कर कारखानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है और किसान हितैषी प्रबंधन की एक सफल मिसाल के रूप में उभर रहा है।
