सारंगढ़-बिलाईगढ़ में “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” पंजीकरण शिविरों की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” विशेष पंजीकरण शिविरों का शुभारंभ किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
सारंगढ़ के स्थानीय मंडी प्रांगण में आयोजित मुख्य शिविर का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य, कलेक्टर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों की सराहना करते हुए इन शिविरों को आमजन के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
एक ही स्थान पर मिल रही कई सुविधाएं
इन विशेष शिविरों में नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए नए पंजीकरण, दस्तावेजों में त्रुटि सुधार और शिकायतों के त्वरित समाधान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रमुख योजनाओं में आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना योजना, पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम कौशल विकास योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं
क्षेत्रवार समय और स्थान निर्धारित
जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए शिविर स्थल और समय निर्धारित किए हैं। सारंगढ़ के स्थानीय मंडी प्रांगण और बरमकेला के मंगल भवन में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं बिलाईगढ़ के वार्ड क्रमांक 6 स्थित सामुदायिक भवन में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पंजीकरण और समस्या समाधान की सुविधा दी जा रही है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है। ये शिविर सरकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।
