रायपुर में शराब बिक्री पर बवाल: प्लास्टिक बोतल नीति के बीच ओवररेटिंग और सप्लाई संकट से उपभोक्ता परेशान…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के शराब बिक्री व्यवस्था में बड़े बदलाव के फैसले के बाद राजधानी रायपुर में जमीनी हालात सवालों के घेरे में हैं। सरकार ने 1 अप्रैल से शराब को कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में बेचने का निर्णय लागू किया है, लेकिन इस नई व्यवस्था के बीच सप्लाई संकट और अवैध वसूली की शिकायतें तेजी से सामने आ रही हैं।
राजधानी के कई शराब दुकानों में इन दिनों स्टॉक की भारी कमी देखी जा रही है। कई दुकानें पूरी तरह खाली हैं, जबकि कुछ चुनिंदा दुकानों में ही सीमित ब्रांड उपलब्ध हैं। इस कमी का फायदा उठाकर उपभोक्ताओं से तय कीमत से अधिक राशि वसूले जाने के आरोप लग रहे हैं।
कादर चौक स्थित शराब दुकान में अव्यवस्था और ओवररेटिंग के आरोप…
रायपुर के कादर चौक स्थित शराब दुकान का हाल भी कुछ अलग नहीं है। यहां शराब बिक्री में अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही इस दुकान के तत्कालीन सुपरवाइजर सुरेश पाटले को शराब की ओवर रेटिंग व अनिमितताओं की शिकायत के आधार पर हटाया गया था और शास्त्री मार्केट स्थित शराब दुकान के सुपरवाइजर को इस दुकान का सुपरवाइजर बनाया गया है। नए सुपरवाइजर के आने के बाद यह माना जा रहा था कि अब शराब की ओवर रेटिंग और अवैध वसूली पर रोक लगेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ वर्तमान का सुपरवाइजर (सूरज) पूर्वर्ती सुपरवाइजर से भी दो गुना आगे निकला। मिली जानकारी के अनुसार सूरज प्रतिदिन दिन समयानुसार कई शराब की ब्रांडों को तय दर से अधिक दर पर ग्राहकों को बेच कर अपना जेब गर्म कर रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि ब्रांडेड शराब की उपलब्धता सीमित होने के कारण मजबूरी में उन्हें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल…
इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि निगरानी की कमी और कथित मिलीभगत के चलते ओवररेटिंग का खेल खुलकर चल रहा है, जिससे न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है बल्कि सरकार को भी राजस्व नुकसान हो रहा है।
सरकार के फैसले पर असर…
सरकार का उद्देश्य नई नीति के जरिए वितरण प्रणाली को बेहतर बनाना था, लेकिन जमीनी स्तर पर आ रही समस्याएं इस फैसले की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और आम उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
