राष्ट्रपति के साथ दुर्व्यवहार पर गरमाई राजनीति: सीएम साय ने ममता बनर्जी से भूल स्वीकारने का किया आग्रह
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति किए गए कथित अपमान पर उनसे क्षमा मांगने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री साय ने पत्र में लिखा है कि उन्हें बड़े दुख के साथ दूसरी बार यह पत्र लिखना पड़ रहा है और आशा है कि इस विषय पर संज्ञान लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार हमेशा से प्रशंसित रहे हैं। देश में मतभेद को कभी भी मनभेद में नहीं बदला गया है और इन परंपराओं को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लिखा कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही में किया गया व्यवहार इन परंपराओं के विपरीत प्रतीत होता है, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले इस तरह का व्यवहार किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा कि एक महिला होने के बावजूद इस तरह की घटना होना पीड़ादायक है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी राज्य शासन के खिलाफ राष्ट्रपति को अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है, जो बेहद चिंताजनक है।
पत्र में मुख्यमंत्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का पालन नहीं किया गया और जनजातीय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम का स्थान भी बदला गया। उन्होंने इसे संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ के उल्लंघन के रूप में बताया। उनके अनुसार यह घटना देश के आदिवासी, पिछड़े और दलित समाज के साथ-साथ मातृशक्ति का भी अपमान है।
मुख्यमंत्री साय ने संदेशखाली प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी वहां जनजातीय समाज की महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं की ओर ध्यान दिलाया गया था। उन्होंने कहा कि वंचित समाज के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार उचित नहीं है और इससे राज्य की छवि को नुकसान पहुंचता है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे देश, समाज और राष्ट्रपति से सच्चे मन से क्षमा मांगकर अपनी गलती स्वीकार करें और भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने का आश्वासन दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विषय पर उचित ध्यान दिया जाएगा।
