मानवीय पहल: राजनांदगांव पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा एक सराहनीय एवं मानवीय कार्यवाही करते हुए मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। युवक विगत 20 से 25 दिनों से अपने गृहग्राम से बाहर भटक रहा था। अपने पुत्र को सकुशल पाकर परिजनों ने राजनांदगांव पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 10 जनवरी 2026 को सायं लगभग 7:30 बजे ग्राम धामनसरा निवासी चन्द्रशेखर पटेल अपने साथी पिंटू कुमार गायकवाड के साथ मोहारा क्षेत्र में रोजी-मजदूरी का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक डरा-सहमा और भूखा अवस्था में मिला, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा था। सज्जन नागरिकों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पहले युवक को नाश्ता कराया और पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मिथलेश साहू पिता विष्णु साहू, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम बरही, थाना बालोद, जिला बालोद बताया। युवक ने बताया कि वह पिछले 20–25 दिनों से घर से बाहर भटक रहा है।

इसके बाद सज्जन नागरिकों द्वारा युवक को थाना बसंतपुर लाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू ने युवक को थाना परिसर में भोजन कराकर उससे विस्तृत जानकारी ली और उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। जानकारी में सामने आया कि उसकी माता लगभग 50 वर्ष की हैं और घर में अकेली रहती हैं, जो देर रात्रि होने के कारण राजनांदगांव आने में असमर्थ थीं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर निरीक्षक एमन साहू द्वारा थाना स्टाफ के माध्यम से मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक मिथलेश साहू को सकुशल उसके गृहग्राम बरही, जिला बालोद पहुंचाकर माता-पिता के सुपुर्द किया गया।

अपने पुत्र को सुरक्षित पाकर मिथलेश साहू की माता तथा ग्राम सरपंच ने इस मानवीय कार्यवाही के लिए राजनांदगांव पुलिस की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, सहायक उप निरीक्षक जीवराज रावटे के साथ-साथ ग्रामीण चन्द्रशेखर पटेल, पिंटू कुमार गायकवाड एवं गिरधारी लाल देशलहरे, ग्राम धामनसरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

About The Author