CG News: बच्चों से मारपीट के मामले में बाल आयोग सख्त, डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर लिया जायजा

रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पंडरी क्षेत्र में बच्चों के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मेकाहारा अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और देखभाल की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा मामले में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तीन साल के मासूम को गंभीर चोटें, अस्पताल में कराया गया भर्ती

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। मामले में तीन वर्षीय और आठ वर्षीय बालकों के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई।

तीन वर्षीय बच्चे को गंभीर चोटें आने के कारण 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दूसरे बालक को बाल गृह और छह वर्षीय बालिका को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया में रखा गया है।

वर्तमान में तीन वर्षीय बच्चे का स्वास्थ्य ठीक बताया गया है। बच्चों की सुरक्षा और उन्हें उचित देखभाल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित संस्थाएं आवश्यक कदम उठा रही हैं।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर लिया जायजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मेकाहारा अस्पताल पहुंचकर उपचाररत बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बाल गृह पहुंचकर दूसरे बालक की सुरक्षा, देखभाल और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।

डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, आवश्यक मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग और उचित पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया।

माता और सौतेले पिता गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज की FIR

मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बच्चों की माता और सौतेले पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाल आयोग ने भी 15 अक्टूबर को प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की थी।

आयोग ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई और पीड़ित बच्चों का संरक्षण प्राथमिकता है।

बच्चों की काउंसलिंग से मिलेगा मानसिक और भावनात्मक सहयोग

घटना के बाद दोनों बालकों और बालिका की काउंसलिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग देना और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से उबरने में मदद करना है।

विशेषज्ञों की सहायता से बच्चों की जरूरतों को समझते हुए उनके संरक्षण और पुनर्वास के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के मिल रहे सकारात्मक परिणाम

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न थानों और संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इससे बच्चों के साथ हिंसा और प्रताड़ना से जुड़े मामलों की सूचना समय पर मिल रही है, जिससे त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

आयोग ने चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता तथा संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना की।

बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध बाल आयोग

आयोग ने दोहराया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके विरुद्ध हिंसा एवं शोषण की घटनाओं पर त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और सर्वोत्तम हित के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

संदेश स्पष्ट है—बच्चों के साथ हिंसा और प्रताड़ना के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा तथा बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

About The Author