Music Composer Deva Death: 75 साल की उम्र में दिग्गज संगीतकार देवा का निधन, रजनीकांत ने दी अंतिम विदाई; राजकीय सम्मान से होगा सम्मान
चेन्नई, 17 अक्टूबर 2026। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज संगीतकार देवा के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर से कलाकारों, राजनेताओं और प्रशंसकों में दुख का माहौल है। करीब चार दशक तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहे देवा ने तमिल सहित दक्षिण भारतीय भाषाओं की 400 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया। सुपरस्टार रजनीकांत ने चेन्नई स्थित उनके आवास पहुंचकर दिवंगत संगीतकार को अंतिम विदाई दी। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें राजकीय सम्मान देने की घोषणा की है।
रजनीकांत ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
संगीतकार देवा और अभिनेता रजनीकांत के बीच लंबे समय से खास जुड़ाव रहा। देवा ने रजनीकांत की कई लोकप्रिय फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया था। इनमें ‘अन्नामलाई’ (1992), ‘बाशा’ (1995) और ‘अरुणाचलम’ (1997) जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।
इन फिल्मों के गानों और संगीत ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। देवा की धुनों ने रजनीकांत की फिल्मों के प्रभाव को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनके निधन से अभिनेता और संगीत जगत से जुड़े लोगों को गहरा दुख पहुंचा है।
रजनीकांत शनिवार को चेन्नई में देवा के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत संगीतकार के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विजय ने राजकीय सम्मान देने का किया ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय भी चेन्नई के टी. नगर स्थित देवा के आवास पहुंचे। उन्होंने संगीतकार के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
देवा के संगीत और तमिल सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने उन्हें राजकीय सम्मान देने की घोषणा की। इसे संगीत जगत में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
एम.के. स्टालिन ने भी जताया शोक
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने भी देवा के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर संगीतकार के निधन पर दुख जताया और तमिल फिल्म संगीत में उनके योगदान को याद किया।
स्टालिन ने देवा के सरल स्वभाव और संगीत के प्रति उनके समर्पण का उल्लेख किया। उन्होंने ‘गाना’ संगीत शैली को मुख्यधारा के फिल्म संगीत में लोकप्रिय बनाने में देवा की भूमिका को भी रेखांकित किया। इस शैली के साथ देवा का नाम लंबे समय से खास तौर पर जुड़ा रहा।
400 से अधिक फिल्मों में दिया संगीत
20 नवंबर 1950 को जन्मे देवा का पूरा नाम देवानेसन चोक्कलिंगम था। संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्होंने कम उम्र से ही संगीत की शिक्षा ली। उन्होंने धनराज मास्टर से पियानो सीखा, जिन्होंने संगीतकार इलैयाराजा को भी संगीत की शिक्षा दी थी। इसके अलावा देवा ने जे. बी. कृष्णा से हारमोनियम पर भारतीय शास्त्रीय संगीत का अध्ययन किया।
लगातार मेहनत, रचनात्मकता और अपनी विशिष्ट संगीत शैली के दम पर देवा दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के प्रमुख संगीतकारों में शामिल हुए। उन्होंने तमिल समेत दक्षिण भारतीय भाषाओं की 400 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया और कई यादगार धुनें रचीं।
संगीत जगत में हमेशा याद किए जाएंगे देवा
देवा का संगीत कई पीढ़ियों के श्रोताओं के बीच लोकप्रिय रहा। फिल्मों के गीतों और अपनी विशिष्ट शैली के जरिए उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई। उनके निधन से फिल्म उद्योग ने एक ऐसे संगीतकार को खो दिया है, जिनकी रचनाओं ने लंबे समय तक दर्शकों और संगीत प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई।
रजनीकांत की श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विजय की राजकीय सम्मान की घोषणा और एम.के. स्टालिन का शोक संदेश इस बात को दर्शाते हैं कि देवा का योगदान केवल फिल्मों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने तमिल संगीत जगत में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।
