जशपुर में जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, 20 जून को कार्यशाला में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 20 जून को जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित जैविक खेती कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर किसानों और ग्रामीणों को विकास की नई सौगात देंगे।
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा आयोजित यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम शनिवार, 20 जून को प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करना, प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, अत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार बेसरा तथा राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
कार्यशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञ किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि तकनीकों, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के विकल्प तथा टिकाऊ कृषि मॉडल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। किसानों को आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से बेहतर उत्पादन और आय बढ़ाने के उपायों से भी अवगत कराया जाएगा।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं नगरीय निकायों के पदाधिकारियों, पत्रकारों, किसान प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि यह कार्यशाला किसानों के लिए ज्ञानवर्धक साबित होगी और जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। किसानों को नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती के लाभों से जोड़कर प्रदेश में टिकाऊ कृषि विकास की मजबूत नींव रखने का प्रयास किया जाएगा।
