दीनदयाल उपाध्याय योजना से बदल रही भूमिहीन परिवारों की जिंदगी, रायगढ़ में 32 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित

रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के कमजोर, वंचित और श्रमजीवी वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ऐसे ही प्रयासों का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है, जो भूमिहीन परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह दिखा रही है।

योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता के साथ समय पर सहायता सुनिश्चित हो रही है। रायगढ़ जिले में वर्तमान में 32 हजार से अधिक पात्र हितग्राही इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

हजारों परिवारों को मिल रहा आर्थिक संबल

रायगढ़ जिले के नगरीय क्षेत्रों में नगर पंचायत घरघोड़ा, धरमजयगढ़, पुसौर, किरोड़ीमल नगर और लैलूंगा के सैकड़ों हितग्राही योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खरसिया, घरघोड़ा, छाल, तमनार, धरमजयगढ़, पुसौर, मुकड़ेगा, रायगढ़ और लैलूंगा विकासखंडों के हजारों परिवारों को इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल रही है।

यह योजना केवल भूमिहीन कृषि मजदूरों तक सीमित नहीं है, बल्कि वनोपज संग्राहकों, चरवाहों, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े परिवारों को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सहायता राशि से आसान हुई जीवन की चुनौतियां

ग्राम कोसमनारा के हरि प्रसाद डनसेना बताते हैं कि मजदूरी आधारित आय से परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन था, लेकिन योजना से मिलने वाली सहायता राशि ने आर्थिक दबाव कम किया है और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

इसी गांव की कुंती देवांगन का कहना है कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी सहायक साबित हो रही है। वहीं जगतराम सारथी के अनुसार यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए बेहद उपयोगी है, जिससे वे अपनी वर्तमान और भविष्य की जरूरतों की बेहतर योजना बना पा रहे हैं।

रेवती बाई ने कहा कि इस सहायता ने उन्हें आर्थिक सुरक्षा का एहसास कराया है और परिवार के भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास दिया है।

आर्थिक सहायता से आगे, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल

हितग्राहियों का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके जीवन में स्थिरता और विश्वास का संचार किया है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना आज रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हजारों श्रमिक परिवारों के जीवन में खुशहाली ला रही है और सामाजिक न्याय तथा समावेशी विकास के लक्ष्य को मजबूती प्रदान कर रही है।

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