मानसून में हरियाली का महाअभियान: बलौदाबाजार वनमण्डल करेगा दो लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण

बलौदाबाजार। मानसून के आगमन के साथ बलौदाबाजार वनमण्डल ने जंगलों के संरक्षण और हरित आच्छादन बढ़ाने के लिए व्यापक सीड बॉल अभियान शुरू किया है। इस वर्ष वनमण्डल ने दो लाख से अधिक सीड बॉल तैयार कर विभिन्न वन क्षेत्रों में रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्राकृतिक पुनर्जनन को बढ़ावा देने और कम लागत में अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने की यह पहल तेजी से आकार ले रही है।

वनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में रिक्त वन क्षेत्रों, असिस्टेड नेचुरल रिजनरेशन (ANR) क्षेत्रों, चारागाह विकास स्थलों तथा नदी-नालों के किनारों पर चरणबद्ध तरीके से सीड बॉल डाले जा रहे हैं। अभियान की विशेषता यह है कि इसमें स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुरूप इमली, चार, बेल, बेर, आम और बहेड़ा जैसी उपयोगी एवं देशज प्रजातियों के बीजों का उपयोग किया गया है।

वन परिक्षेत्र देवपुर के कसौदी परिसर, एएनआर क्षेत्रों और जोंक नदी के तटों पर बड़े पैमाने पर सीड बॉल रोपण किया गया है। इसके अलावा बारनवापारा, अल्दा, मुढ़ीपार, सुरबाय, डूमरपाली, बल्दाकछार, डाढ़ाखार और पैरागुड़ा सहित कई वन परिसरों में भी यह अभियान लगातार जारी है।

वन विभाग के अनुसार आगामी ‘युवान’ कार्यक्रम के तहत जल स्रोतों, छोटे नालों और नदी तटों के आसपास फलदार एवं बहुउपयोगी वृक्षों के रोपण की भी विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल एवं मृदा संरक्षण, वन्यजीवों के लिए खाद्य उपलब्धता बढ़ाना और स्थानीय जैव विविधता को सुदृढ़ करना भी है।

वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि सीड बॉल तकनीक प्राकृतिक पुनर्जनन का एक प्रभावी, सरल और किफायती माध्यम है। जनभागीदारी, स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण और वैज्ञानिक वन प्रबंधन के माध्यम से वन क्षेत्रों को अधिक समृद्ध और हरित बनाने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान अभियान को और गति दी जाएगी, ताकि जंगलों के दीर्घकालिक संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जलवायु सुधार के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सके। यह पहल आने वाले वर्षों में क्षेत्र की हरियाली और जैव विविधता को नई मजबूती प्रदान करेगी।

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