छत्तीसगढ़ की 33 जेलों में गूंजा योग का संदेश, 650 बंदियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

रायपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में उत्साह और उल्लास के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। केंद्रीय जेल रायपुर में आयोजित विशेष योग शिविर में पुरुष एवं महिला प्रकोष्ठ के कुल 650 बंदियों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवन और मानसिक संतुलन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल से योग आज वैश्विक आंदोलन बन चुका है और पूरा विश्व भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को अपना रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आंतरिक शांति प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि योग तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर जीवन में संतुलन स्थापित करता है।

केंद्रीय जेल रायपुर में आयोजित योग शिविर में पुरुष प्रकोष्ठ के 500 तथा महिला प्रकोष्ठ की 150 बंदियों ने भाग लिया। आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी योग प्रशिक्षक अनिल अग्रवाल एवं उनकी टीम ने बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को तनाव, अवसाद और नकारात्मक सोच से दूर कर उनमें आत्म-नियंत्रण, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।

योग सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने इन योगासनों के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री सहित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रशिक्षक और जेल प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। योग दिवस के इस आयोजन ने बंदियों के बीच स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश प्रसारित किया।

About The Author