बांस से बदलेगी महिलाओं की तकदीर: सुकमा की 53 महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, ट्री गार्ड निर्माण से मिलेगा नया रोजगार
सुकमा। महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में सुकमा जिले में एक अभिनव पहल शुरू की गई है। तोंगपाल क्षेत्र में 14 स्व-सहायता समूहों की 53 महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड निर्माण का विशेष प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ हरित विकास को भी नई गति देगी।
कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
बांस आधारित उत्पाद निर्माण की मिली आधुनिक जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं को बांस से टिकाऊ और आकर्षक ट्री गार्ड तैयार करने की तकनीक, डिजाइन और गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी दी। महिलाओं को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बांस का उपयोग कर कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है।
हरियाली बढ़ाने में निभाएंगे अहम भूमिका
प्रशिक्षण के बाद स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए बांस के ट्री गार्डों का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों, सार्वजनिक स्थलों तथा विभिन्न पौधारोपण स्थलों पर किया जाएगा। इससे पौधों को पशुओं और अन्य नुकसान से सुरक्षा मिलेगी तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
महिलाओं के लिए खुले आय के नए द्वार
बांस से निर्मित ट्री गार्डों की बढ़ती मांग महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत बन सकती है। इससे समूहों की सदस्याएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
‘लखपति दीदी’ अभियान को मिलेगी नई ताकत
यह पहल केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं के अनुरूप है। बांस आधारित उद्यमों से जुड़कर महिलाएं ‘लखपति दीदी’ अभियान के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण और हरित विकास का मॉडल
तोंगपाल में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत आजीविका का प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रहा है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हरित, स्वावलंबी और समृद्ध समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
