बस्तर के मियाजाकी आम को मिली नई पहचान, राज्यपाल रमेन डेका ने सराहा प्रयास

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में उगाए जा रहे दुनिया की सबसे महंगी आम प्रजातियों में शामिल मियाजाकी आम को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। लोकभवन में आयोजित एक सौजन्य भेंट के दौरान जगदलपुर के प्रसिद्ध ‘ट्री मैन’ संपत झा ने राज्यपाल रमेन डेका को मियाजाकी आम भेंट किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने इस विशेष प्रजाति की खेती को बस्तर क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि मियाजाकी आम की खेती केवल एक कृषि नवाचार नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय फल बाजार में नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रजाति की खेती को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा दिया जाए तो यह बस्तर के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोल सकती है।
उन्होंने किसानों और कृषि विभाग को इस विशेष आम की पैदावार बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि की गुणवत्ता कई उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त है, जिसका लाभ किसानों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
ज्ञात हो कि जापान मूल की मियाजाकी आम प्रजाति अपनी आकर्षक लाल-बैंगनी रंगत, बेहतरीन स्वाद और ऊंचे बाजार मूल्य के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। बस्तर में इसकी सफल खेती प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
राज्यपाल ने संपत झा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर प्रेरित करेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। बस्तर में मियाजाकी आम की खेती का विस्तार भविष्य में प्रदेश को वैश्विक फल बाजार में विशेष पहचान दिला सकता है।

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