पूर्व सुकमा कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण की ऐतिहासिक घटना: बस्तर में विकास और संघर्ष की एक याद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में जब आज शांति और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, तब 14 वर्ष पूर्व की एक ऐसी घटना पुनः स्मृति में आती है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। यह मामला वर्ष 2006 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण से जुड़ा है, जो उस समय सुकमा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे।
एलेक्स पॉल मेनन ने वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ कैडर से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी पहचान एक ऐसे संवेदनशील और साहसी अधिकारी के रूप में रही, जो सुरक्षा और सुविधाओं की परवाह किए बिना दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच पहुंच जाते थे। बस्तर के पिछड़े इलाकों में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू करवाने और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्य करने के इसी निडर अंदाज के कारण वे स्थानीय आदिवासियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे।
विवाह के मात्र तीन सप्ताह बाद ही उनकी तैनाती चुनौतीपूर्ण जिले सुकमा में हुई थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सुरक्षा संबंधी चेतावनियों के बावजूद वे निरंतर जनसंपर्क में जुटे रहते थे। इसी सक्रियता के बीच 21 अप्रैल 2012 को ग्राम माझीपारा में एक बैठक के दौरान माओवादियों ने उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर उनका अपहरण कर लिया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं और रायपुर से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
तत्कालीन छत्तीसगढ़ सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए पांच सदस्यीय राजनीतिक समिति का गठन किया और माओवादियों के साथ मध्यस्थों के माध्यम से वार्ता शुरू की गई। सरकार ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बंधक संकट को सुलझाने का प्रयास किया। लंबी चर्चा के बाद इस बात पर सहमति बनी कि एक उच्च स्तरीय समिति आदिवासियों के मानवाधिकारों से जुड़े विषयों की समीक्षा करेगी।
स्थानीय स्तर पर बढ़ते विरोध और चौतरफा दबाव के बीच माओवादियों ने अंततः 13वें दिन ताड़मेटला के जंगलों में मध्यस्थ बी.डी. शर्मा और प्रोफेसर जी. हरगोपाल की उपस्थिति में एलेक्स पॉल मेनन को रिहा कर दिया। यह घटना आज भी बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज है, जो एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के साहस और उस दौर की कठिन परिस्थितियों को रेखांकित करती है।
