सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एमसीएक्स पर कमजोर रुख
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार शाम तक सोना और चांदी दोनों ही कमजोर रुख के साथ कारोबार करते नजर आए।
बुधवार शाम करीब 7.30 बजे सोने की कीमत 1703 रुपये घटकर 1 लाख 61 हजार 600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत में लगभग 12 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह 2 लाख 66 हजार 190 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही। यह गिरावट मंगलवार को आई तेजी के बाद देखने को मिली है।
जनवरी में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना और चांदी ने अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ था, लेकिन इसके बाद आई गिरावट के चलते कीमतें उस स्तर के आसपास भी नहीं पहुंच सकी हैं। चांदी का रिकॉर्ड उच्च स्तर 4 लाख 20 हजार रुपये रहा है, जबकि वर्तमान में यह उससे करीब 1 लाख 55 हजार रुपये सस्ती है। इसी तरह सोना अपने रिकॉर्ड स्तर 1 लाख 93 हजार रुपये से करीब 32 हजार रुपये नीचे कारोबार कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद बुधवार को बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। कई निवेशकों ने लाभ कमाने के लिए बिक्री की, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कीमतों में गिरावट का एक कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी माना जा रहा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी जैसी धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ता है।
इसके अलावा अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक बॉन्ड जैसे विकल्पों में निवेश बढ़ाते हैं, जिससे सोने और चांदी की मांग पर असर पड़ता है।
फ्यूचर्स बाजार में चांदी पर ट्रेडिंग मार्जिन बढ़ाए जाने के कारण भी कई ट्रेडर्स को अपनी पोजिशन कम करनी पड़ी, जिससे चांदी की कीमतों में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कमोडिटी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
