पश्चिम बंगाल में भाजपा की परिवर्तन यात्रा 1 से 10 मार्च तक, 5000 किमी से अधिक दूरी तय करेगी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी एक से 10 मार्च तक राज्य के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में परिवर्तन यात्रा निकालेगी। यह यात्रा लगभग 5000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। पार्टी नेताओं के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य राज्य सरकार के कथित कुशासन, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की नीतियों को उजागर करना तथा जनता के असंतोष को वोटों में बदलना है।
इस अभियान के तहत नौ परिवर्तन रथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जो राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी। इनमें सिलीगुड़ी, मालदा, नबद्वीप, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा-हुगली, मेदिनीपुर, पुरुलिया और बर्धमान मंडल शामिल हैं।
यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग जिलों में कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। इस अभियान का समापन कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और जिलों में स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दक्षिण 24 परगना के रायदिघी से यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन नादिया के कृष्णानगर से दूसरे चरण को हरी झंडी दिखाएंगे।
दक्षिण 24 परगना को तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है और यह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक क्षेत्र भी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह यात्रा तृणमूल शासन में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के सामने लाने पर केंद्रित होगी।
भाजपा के अनुसार यह अभियान लगभग 5000 किलोमीटर तक फैलेगा और इसके जरिए 38 संगठनात्मक जिलों तथा 230 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जाएगी। पार्टी का लक्ष्य एक करोड़ से अधिक लोगों तक सीधे पहुंचना है। यात्रा के दौरान 63 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी, जबकि विधानसभा क्षेत्रों के प्रवेश बिंदुओं पर 281 स्वागत सभाएं भी होंगी।
भाजपा का कहना है कि अभियान में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षक नियुक्ति घोटाले समेत शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके लिए 100 से अधिक केंद्रीय और राज्य स्तर के नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है, ताकि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और आम जनता को सक्रिय किया जा सके।
यह अभियान एक मार्च को पांच उद्घाटन सभाओं के साथ शुरू होगा। इसके बाद दो मार्च को चार और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। होली के संक्षिप्त विराम के बाद यात्राएं छह दिनों तक लगातार जारी रहेंगी।
