भारती विश्वविद्यालय दुर्ग में प्रथम दीक्षांत समारोह संपन्न, 86 शोधार्थियों को मिली पीएचडी उपाधि
रायपुर, 13 दिसंबर 2025। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के इतिहास में शनिवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी, जब विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों के 86 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 9 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 146 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने सभी उपाधि प्राप्त शोधार्थियों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नवाचार की सदी है और शिक्षा को जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बनाना आवश्यक है। उन्होंने प्राध्यापकों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया और अपने करकमलों से शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को उपाधियां, स्वर्ण पदक और डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन विश्वविद्यालय की डायरेक्टर शालिनी चंद्राकर ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एल. तिवारी, मैनेजिंग डायरेक्टर जय चंद्राकर, कुल सचिव बी.के. सक्सेना, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक, शोधकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
