जशपुर को मिली मेडिकल कॉलेज की सौगात, NMC से मिली मंजूरी, 2026-27 सत्र से 50 MBBS सीटों पर होगा प्रवेश

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से प्रतीक्षित शासकीय मेडिकल कॉलेज, जशपुर-कुनकुरी को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यहां 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश शुरू होगा।

मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा 12 जुलाई 2026 को जारी लेटर ऑफ परमिशन (LoP) के अनुसार यह मेडिकल कॉलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर से संबद्ध होगा। एनएमसी द्वारा निर्धारित सभी शैक्षणिक, अधोसंरचनात्मक और चिकित्सीय मानकों को पूरा करने के बाद यह स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- यह सिर्फ कॉलेज नहीं, क्षेत्र के भविष्य की नई शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य दूरस्थ, आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी संकल्प का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की नई शुरुआत है।

अब जशपुर के विद्यार्थियों को नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जशपुर और आसपास के विद्यार्थियों को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों का समय, धन और संसाधनों की बचत होगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को डॉक्टर बनने का बेहतर अवसर मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा बदलाव

मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा और गंभीर बीमारियों के उपचार की क्षमता मजबूत होगी। भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा, जिससे जशपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के संचालन से डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही आवास, परिवहन, होटल, व्यापार और अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार हो रही मजबूत

राज्य सरकार जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। चराईडांड में 220 बिस्तरों वाले आधुनिक सिविल अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण जारी है। वहीं गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का निर्माण भी प्रगति पर है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक आधुनिक, सुलभ और मजबूत होंगी, वहीं मेडिकल कॉलेज पूरे क्षेत्र को चिकित्सा शिक्षा के नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाएगा।

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