सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहत: रायगढ़ के 23 निजी और सभी सरकारी अस्पतालों में मिलेगा 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज
रायगढ़। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को त्वरित और जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राहत स्कीम (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नगदी रहित उपचार स्कीम 2025) लागू कर दी है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य दुर्घटना के तुरंत बाद के महत्वपूर्ण ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल की जान बचाना है। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 4 फरवरी 2025 की अधिसूचना के अनुसार, किसी भी श्रेणी की सड़क पर वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये का कैशलेस उपचार दिया जाएगा।
योजना के तहत घायलों के उपचार के लिए मोटरयान दुर्घटना निधि की स्थापना की गई है। इसमें बीमाकृत और अबीमाकृत वाहनों के लिए अलग-अलग खाते रखे गए हैं। दुर्घटना के पहले एक घंटे को गोल्डन ऑवर माना जाता है, जिसमें समय पर इलाज मिलने से जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है। पात्र होने के लिए शर्त यह है कि पीड़ित को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराया गया हो। यदि भर्ती होने में 24 घंटे से अधिक का समय लगता है, तो पीड़ित इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा।
रायगढ़ जिले के सभी शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ 23 निजी अस्पतालों को ई-डीएआर पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है। दुर्घटना की स्थिति में अस्पताल पहुंचते ही पीड़ित का पंजीकरण किया जाएगा और 24 घंटे के भीतर संबंधित थाने को सूचित किया जाएगा। पुलिस अधिकारी ई-डीएआर पोर्टल पर एक्सीडेंट आईडी जारी करेंगे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल के माध्यम से कैशलेस इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।
इस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में 16 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे सृजन सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। किसी भी शिकायत के निवारण के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत (मोबाइल नंबर 7389548695) को अधिकारी नियुक्त किया गया है। असंतुष्ट होने पर शिकायत जिला कलेक्टर को भेजी जा सकेगी।
रायगढ़ में पंजीकृत निजी अस्पतालों की सूची:
योजना के तहत जेएमजी मॉर्निंग स्टार, ओपी जिंदल, डॉ. आर.एल. हॉस्पिटल, रायगढ़ मेट्रो केयर, अपेक्स सुपर स्पेशलिटी, संजीवनी नर्सिंग होम, राजप्रिय, सिद्धेश्वरी, शिव हॉस्पिटल, रायगढ़ ऑर्थो, पदमावती, डॉ. आर. पटेल यूरोलॉजी, कान्हा, श्री जनक, उमा मेमोरियल, हरिकमल संजीवनी, लोकेश, अंकूल, ग्लोबल, गुरुदेव, मां अम्बे, गंगा स्मार्ट और गंगा नर्सिंग होम को पंजीकृत किया गया है।
मुख्य शर्तें:
इलाज की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये और अवधि 7 दिन होगी।
दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने की समय-सीमा 24 घंटे है।
दुर्घटना की पुष्टि के लिए पुलिस के पास 24 से 48 घंटे का समय होगा।
मामलों को दूसरे जिले में स्थानांतरित करने की समय-सीमा 3 घंटे निर्धारित है।
