Police Smriti Diwas 2026: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बलिदान को किया नमन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के पीछे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों का अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान है। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाने में इन जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग और बलिदान सदैव प्रदेशवासियों का मार्गदर्शन करता रहेगा। शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र चढ़ाकर देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त करते हुए उनके त्याग को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों का बलिदान अविस्मरणीय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता वीर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर समेत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बनाने में सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अनेक जवानों ने प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी वीरता और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं जवान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की शौर्यगाथा को याद करने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी वीरता, समर्पण और अनुशासन से समाज में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने में मदद मिलती है।

क्यों मनाया जाता है 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस?

पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा में तैनात भारतीय पुलिस बल के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का बहादुरी से सामना किया था। इस संघर्ष में 10 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।

इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस देशभर में उन पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

शहीद परिवारों का सम्मान, राष्ट्रसेवा के संकल्प को नमन

रायपुर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड के दौरान शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवारों को सम्मानित करने के माध्यम से उनके योगदान को याद किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहीदों का त्याग सदैव प्रेरणा देता रहेगा। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों की स्मृति का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।

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