Chhattisgarh Urban Development: विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शहरों का होगा सुनियोजित विकास, CM विष्णुदेव साय ने UCF कार्यशाला का किया शुभारंभ
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने शहरी विकास पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) विषयक प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। यह कार्यशाला आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि उद्योग, व्यापार, रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और नवाचार के प्रमुख आधार भी हैं।
आने वाले दशकों की जरूरतों के अनुरूप विकसित होंगे शहर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों के अनुरूप सुनियोजित, समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शहरों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण विकास परियोजनाओं की पहचान, बेहतर योजना और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
अर्बन चैलेंज फंड से शहरी विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और गति मिली है। अर्बन चैलेंज फंड जैसे प्रयास शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न और आत्मनिर्भर बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने और ऐसी परियोजनाएं तैयार करने का आह्वान किया, जो नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें।
नगरीय विकास के लिए दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर
कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नगरीय निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
- पहला एमओयू: आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच।
- दूसरा एमओयू: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच।
मुख्यमंत्री ने इन समझौतों को प्रदेश के नगरीय विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करने, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकसित करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ संस्थानों, वित्तीय संस्थाओं और शासन के बीच मजबूत साझेदारी से शहरों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में शहरी अर्थव्यवस्था की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इसके लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे शहर विकसित करना जरूरी है, जो निवेश आकर्षित करें, उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करें। इसके साथ ही नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
सुनियोजित शहरीकरण बनेगा विकास की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुनियोजित शहरीकरण विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। इसके लिए नगरीय निकायों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं की योजना बनानी होगी और उपलब्ध वित्तीय एवं तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा।
कार्यशाला और दोनों एमओयू के माध्यम से प्रदेश में शहरी विकास की योजना, वित्तीय प्रबंधन और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के शहरों को अधिक सुविधाजनक, निवेश-अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
