राज्यपाल रमेन डेका ने डॉ. तीजन बाई के निधन पर जताया गहरा शोक, बोले- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर स्वर-कोकिला, पद्म विभूषण से सम्मानित एवं विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर राज्यपाल रमेन डेका ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन केवल लोककला जगत ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

विश्व मंच पर दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान

अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अनूठी गायन शैली, अद्भुत प्रतिभा और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से पंडवानी जैसी लोककला को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान पूरी दुनिया में स्थापित हुई।

लोककला की साधना को समर्पित रहा पूरा जीवन

राज्यपाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपना संपूर्ण जीवन लोककला की साधना, संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित कर दिया। उनका व्यक्तित्व, कला-साधना और सांस्कृतिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

शोक संतप्त परिवार को दी संवेदना

राज्यपाल रमेन डेका ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि परमात्मा उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिजनों, असंख्य प्रशंसकों और समूचे लोककला जगत को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

About The Author