Delhi Metro Anti-Government Poster Case: दिल्ली मेट्रो में सरकार विरोधी पोस्टर मिलने से हड़कंप, अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पोस्टर मिलने का मामला सामने आया है। ट्रेन के अंदर चिपकाए गए इन पोस्टरों पर विभिन्न दावे और नारे लिखे हुए थे। साथ ही, एक QR कोड भी छपा था, जिसके जरिए लोगों को एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेट्रो ट्रेन के अंदर मिले पोस्टर, QR कोड ने बढ़ाई जांच
मीडिया रिपोर्टों और FIR से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, पोस्टर A4 आकार के ब्लैक एंड व्हाइट पन्नों पर छापे गए थे। इन पर देश में पिछले कुछ वर्षों के बदलावों को लेकर नौ अलग-अलग दावे दर्ज थे।
पोस्टरों पर “वोटिंग के जरिए विरोध”, “सामुदायिक निर्माण में सुधार” और “क्या आप असंतुष्ट हैं? आप अकेले नहीं हैं” जैसे संदेश लिखे होने की बात सामने आई है। इनमें एक QR कोड भी मौजूद था, जिसे स्कैन करने पर लोगों को ऑनलाइन समूह से जुड़ने का निमंत्रण दिया जा रहा था।
पुलिस ने पोस्टरों को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्हें किसने लगाया और इनके पीछे क्या उद्देश्य था।
ट्रेन ऑपरेटर की नजर पड़ने पर सामने आया मामला
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 20 अक्टूबर की है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर तैनात दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के ट्रेन ऑपरेटर तरुण चौधरी की नजर ट्रेन के निरीक्षण के दौरान इन पोस्टरों पर पड़ी।
बताया गया है कि शाम करीब 6:50 बजे ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से यशोभूमि स्टेशन के लिए रवाना हुई थी और लगभग 7:15 बजे वहां पहुंची। इसके बाद निरीक्षण के दौरान पोस्टर दिखाई दिए।
अधिकारियों के निर्देश पर पोस्टर द्वारका सेक्टर-21 के स्टेशन कंट्रोलर को सौंपे गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू हुई।
एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की सुरक्षा पर भी जांच
एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर पोस्टर कैसे लगाए गए, यह जांच का प्रमुख बिंदु है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोस्टर किसी यात्री ने ट्रेन के अंदर चिपकाए थे या उन्हें डिपो में ट्रेन के रखरखाव के दौरान लगाया गया था।
जांच में संबंधित स्थानों के CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है। फिलहाल पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अज्ञात लोगों के खिलाफ दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टरों पर लिखे संदेशों और QR कोड के पीछे की मंशा को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
