दंतेवाड़ा में दिव्यांगजनों को मिलेंगे कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण, अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ

दंतेवाड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दंतेवाड़ा में दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।

15 से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इनमें दंतेवाड़ा के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 लाभार्थी शामिल हैं। शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।

‘नक्सलवाद समाप्त हुआ, अब उसकी पीड़ा और निशानियों को भी मिटाना है’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांग आदिवासी भाई-बहनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद भी दशकों से हिंसा झेल रहे परिवारों की पीड़ा को दूर करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे। इनमें अकेले बस्तर के 1,570 से अधिक लाभार्थी शामिल थे। यह आंकड़ा क्षेत्र में लंबे समय तक चली हिंसा से प्रभावित परिवारों की चुनौतियों को दर्शाता है।

आईईडी विस्फोटों से प्रभावित लोगों को सहारा देने पर जोर

अमित शाह ने कहा कि नक्सली हिंसा और आईईडी विस्फोटों के कारण अनेक निर्दोष नागरिक दिव्यांग हुए। उन्होंने कहा कि हिंसा से प्रभावित लोगों को केवल सहायता उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें दोबारा आत्मनिर्भर बनाने और सम्मान के साथ जीवन जीने के अवसर देना भी आवश्यक है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था और उनके अनुसार अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने जोर दिया कि हिंसा से प्रभावित लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

व्हीलचेयर से स्मार्ट वॉकिंग स्टिक तक मिलेंगे उपकरण

शिविर में दिव्यांगजनों की जरूरतों के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कृत्रिम अंग जैसे सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों से लाभार्थियों की दैनिक गतिविधियों, आवागमन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

इस पहल में छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और भारतीय जैन संघ सहित विभिन्न संस्थाओं का सहयोग मिल रहा है।

बस्तर के जनजातीय समाज की भूमिका की सराहना

केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और बस्तर में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में स्थानीय जनजातीय समाज तथा पारंपरिक नेतृत्व की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिंसा से प्रभावित लोगों को सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने में मदद करना सेवा संकल्प अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

दंतेवाड़ा में आयोजित यह शिविर नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों तक सहायता पहुंचाने और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।

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