संकट की घड़ी में बना सहारा: मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से श्रमिक परिवार को मिली नई उम्मीद
बीजापुर। परिवार के मुखिया के असामयिक निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे एक श्रमिक परिवार के लिए मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना जीवन में नई आशा लेकर आई है। श्रम विभाग की संवेदनशील पहल से बीजापुर जिले के स्वर्गीय चनैया कुरसम के परिवार को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे परिवार को मुश्किल समय में आर्थिक संबल मिला है।
स्वर्गीय चनैया कुरसम ने वर्ष 2018 में श्रम विभाग में अपना श्रमिक पंजीयन कराया था। उनके निधन के पश्चात उनकी नामांकित पत्नी श्रीमती शांता कुरसम ने मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि के लिए आवेदन किया। श्रम विभाग ने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्रता से पूर्ण कर उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।
श्रीमती शांता कुरसम ने बताया कि प्राप्त सहायता राशि से परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और बच्चों के पालन-पोषण में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में शासन द्वारा मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत और मजबूती का आधार बनी है।
उन्होंने राज्य शासन और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग ने उन्हें कठिन समय में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शक्ति दी है।
श्रम विभाग ने पंजीकृत श्रमिकों से अपील की है कि वे अपना श्रमिक पंजीयन एवं नामांकन समय-समय पर अद्यतन कराते रहें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनके परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना जरूरतमंद श्रमिक परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है और कठिन परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक संबल प्रदान कर उनके जीवन में नई उम्मीद जगा रही है।
