डॉ. वर्णिका शर्मा की पहल से गंभीर रूप से बीमार बालिका को एम्स रायपुर में मिला उपचार
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की पहल से गंभीर रूप से बीमार एक पीड़ित बालिका को बेहतर उपचार के लिए एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है। आयोग के सतत प्रयासों, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से बालिका को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालिका की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की सूचना मिलने पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने 5 जून 2026 को दंतेवाड़ा कलेक्टर को पत्र भेजकर बालिका को तत्काल एम्स रायपुर रेफर करने तथा आवश्यक चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ) को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने एम्स रायपुर के निदेशक को भी पत्र लिखकर बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं समुचित उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया था।
एम्स पहुंचकर जाना स्वास्थ्य हाल
बालिका के एम्स रायपुर में भर्ती होने के बाद 15 जून 2026 को डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं अस्पताल पहुंचीं और उपचाररत बालिका से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने बालिका और उसके परिजनों से चर्चा कर उपचार संबंधी व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य स्थिति और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
चिकित्सकों से ली विस्तृत जानकारी
दौरे के दौरान आयोग अध्यक्ष ने एम्स रायपुर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं चिकित्सकीय दल के साथ बैठक कर बालिका की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की प्रगति, किए जा रहे परीक्षणों और आगामी उपचार योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। चिकित्सकों ने बताया कि बालिका का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है और उसे सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आयोग करेगा सतत निगरानी
डॉ. वर्णिका शर्मा ने चिकित्सकीय दल से कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तथा बालिका को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला आयोग की प्राथमिकता में है और उपचार प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आयोग हरसंभव सहयोग और समन्वय प्रदान करेगा।
बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध आयोग
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके समग्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हस्तक्षेप करता रहेगा।
