बस्तर में बड़ी सफलता, मोस्ट वॉन्टेड नक्सली कमांडर पापाराव सहित 18 ने किया आत्मसमर्पण

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटनाक्रम को बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि अब नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है और बस्तर में हिंसक विचारधारा की पकड़ कमजोर पड़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से भय और हिंसा का वातावरण बनाने वाली माओवादी विचारधारा अब समाप्ति की ओर है और बस्तर तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और पुनर्वास केंद्रित नीतियों के कारण भटके हुए युवाओं में मुख्यधारा में लौटने का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिलने पर लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास का मार्ग अपनाते हैं।

उन्होंने कहा कि आज बस्तर में बंदूक की आवाज के स्थान पर विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में हो रहे कार्यों से जनजीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को देते हुए सुरक्षाबलों के साहस और रणनीतिक कार्रवाई की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि माओवाद के पूर्ण खात्मे के साथ बस्तर में शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ देश के विकसित राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

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