राहत: टोकनधारी 550 किसानों के लिए फिर खुलेंगे धान खरीदी के कांटे
बिलासपुर। सरकार द्वारा धान खरीदी की अवधि दो दिन बढ़ाने के फैसले से जिले के 550 किसानों को लाभ मिलेगा। इनमें ज्यादातर वे किसान हैं, जिनका टोकन कटने के बाद भौतिक सत्यापन हो चुका था, लेकिन धान बेचने का नंबर नहीं लग सका। इन अतिरिक्त दो दिनों में करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होने का अनुमान है।
सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने का मलाल अब इन किसानों के मन से जाएगा। सरकार ने धान विक्रय के लिए 6 और 7 फरवरी की दो अतिरिक्त तिथियां दी हैं। इन तिथियों में किसान अपने उपार्जन केंद्रों पर धान बेच सकेंगे।
जानकारी के अनुसार, धान खरीदी की अंतिम निर्धारित तिथियों 27, 28 और 29 जनवरी के दौरान जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों पर 414 किसानों ने टोकन प्राप्त कर लिया था और उनका भौतिक सत्यापन भी पूरा हो चुका था। इसके बावजूद वे धान नहीं बेच पाए। इसी तरह 136 किसान ऐसे थे, जिन्होंने धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का अनुरोध किया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। कुल मिलाकर 550 किसान धान बेचने से रह गए थे। अब इन्हीं किसानों से अगली दो तिथियों में धान खरीदा जाएगा।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी की अवधि में वास्तविक बढ़ोतरी नहीं हुई है। धान खरीदी शुरू होने की तिथि 15 नवंबर शनिवार थी, जिस कारण उस दिन खरीदी नहीं हुई। इसी तरह अंतिम तिथि 31 जनवरी भी शनिवार को पड़ रही थी, जो अवकाश का दिन था। प्रारंभ और अंत के इन दो अवकाश वाले दिनों की वजह से खरीदी नहीं हो सकी थी। अब वही दो दिन किसानों को धान बेचने के लिए दिए गए हैं। किसानों के अनुसार इसमें तिथि बढ़ाने जैसी कोई बात नहीं है।
