India-China Border Tension: अरुणाचल में चीनी सैनिकों से जारी आमने-सामने की स्थिति, ITBP DG के बयान पर सियासी घमासान

नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति बने रहने की बात कही है। उनके इस बयान के बाद देश की सुरक्षा और सीमा पर गश्त को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

ITBP DG ने क्या कहा?

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान के अलवर में बल के एक समारोह के दौरान कहा कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर आमने-सामने की स्थिति बनी थी, जो अब भी जारी है। उन्होंने इस दौरान ITBP की शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की सराहना की।

कपूर ने कहा कि इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शौर्य कमांडो टीमों ने अच्छा काम किया है। ITBP भारत-चीन सीमा के संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती है।

अरुणाचल के तकसिंग क्षेत्र को लेकर भी चर्चा

अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तकसिंग क्षेत्र में पिछले कुछ समय से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। इस क्षेत्र में सीमा पर गश्त और सैनिकों की आवाजाही को लेकर भी सवाल उठे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर में वाचा-दमाई क्षेत्र में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। इसके बावजूद ITBP प्रमुख के ताजा बयान ने सीमा की स्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

हालांकि, आमने-सामने की स्थिति के सभी स्थानों, उसकी प्रकृति और मौजूदा परिचालन स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की चीन नीति और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच जारी आमने-सामने की स्थिति को लेकर सरकार की ओर से पर्याप्त सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

कांग्रेस ने तकसिंग क्षेत्र में कथित चीनी गतिविधियों, भारतीय सैनिकों की गश्त से जुड़े बिंदुओं और चीन के साथ कूटनीतिक बातचीत के परिणामों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर देश को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। सीमा पर गश्त और संबंधित घटनाओं के बारे में दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी को ध्यान में रखना जरूरी है।

विदेश मंत्रालय ने सीमा की स्थिति पर क्या कहा?

ITBP महानिदेशक के बयान के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जब चीनी सैनिक स्थापित गश्त के तरीकों से अलग हटते हैं, तब भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने को द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। मंत्रालय ने मामले के विशिष्ट सैन्य पहलुओं पर रक्षा मंत्रालय से जानकारी लेने की बात भी कही।

सीमा सुरक्षा और कूटनीतिक बातचीत पर नजर

अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति को लेकर ITBP प्रमुख का बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और चीन सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।

इस घटनाक्रम ने सीमा सुरक्षा, सैनिकों की गश्त और दोनों देशों के बीच संवाद की प्रभावशीलता को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। आगे की स्थिति को समझने के लिए आधिकारिक बयानों और दोनों देशों के बीच होने वाली सैन्य एवं कूटनीतिक बातचीत पर नजर बनी रहेगी।

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